Stock market में Invest करने का सबसे बड़ा Formula जिसका उपयोग करते हे-Waren Buffet

Stock market में Invest करने का सबसे बड़ा Formula जिसका उपयोग करते हे-Waren Buffet 


दोस्तों आप सभी ने मेरे खयाल से कभी ना कभी जरुर stock marketing के बारे में जरुर सुनाही होंगा .और अगर आपको इसके बारे में जरा भी idea हे की इसमे क्या होता हे तो शायद आपके मन में भी ये सवाल आया होंगा की क्या हम भी stock मार्किट में invest कर सकते हे ? तो इसका जवाब हे हा तो दोस्तों अगर आपको भी stock marketing में इंटरेस्ट हे तो आज की हमारी एस पोस्ट को जरुर पढ़िए क्योकि आज हम आपको दुनिया के सबसे बड़े investor किस तरह सोचते हे उसके बारे में बेंजामिन ग्रैहम और जेसन ज्विग द्वारा लिकी गयी किताब The Intelligent Investor इस किताब के कुछ मह्त्व्पुर्वक बातो के बारे में जानेगे.


जिससे आपको आपने इन्वेस्टिंग career में काफी मदत मिल सकती हे.जिसके कारन आप अपने इस career में बहुत ही अच्छे निर्णय ले सकेंगे.

तो चलिए शुरू करते हे हमारी आज की एस पोस्ट को

हम एस पोस्ट में किताब के सिर्फ कुछ importent Topic के बारे में ही जानने वाले हे. जोकि मेरे विचार से हे. अगर आपको ये पोस्ट आची लगी और आप एस किताब को पूरा पढना चाहोंगे तो ये
Stock market में Invest करने का सबसे बड़ा Formula जिसका उपयोग करते हे-Waren Buffet
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किताब amazon और flipcart दोनों पर उपलब्द हे आप निचे दिए गए लिंक पे क्लिक करके भी इसको buy कर सकते हे.

सबसे पहला point

Smartly Invest करना सीखिए.


आप में से बहुत से लोगो ने stock market में invest करनेका कभी न कभी जरुर सोचा होंगा.पर बहुत से लोग एस वजह से इस फील्ड में आना नहीं चाहते की क्योकि उनको ये दर रहता हे की अगर हम अपना सारा पैसा खो देंगे तो क्या होंगा.ये हमारे अन्दर का डर होता हे.एस लिए बहुत से लोग एस वजह से invest नहीं करते.

पर हा आपको बता दू की एक एसा तरीका हे जिसमे हम आपने डर को साइड में रख कर एस field में उतर सकते हे.और उसी तरीको को कहते हे intelligent Investing. लेखक ग्राहम ने 1949 में सबसे पहले लोगो को इसके बारे में बताया था.इसमे आप सिख सखते हे की किस तरह हम smartly और लम्बे समय तक यहाँ पर invest करे.

इनकी एस किताब की मदत से कई लोगो ने अपनी जिन्दगीको पूरी तरह बदल दिया हे जिसमे एक बहुत बड़ा नाम शामिल हे जो की हे -waren buffet


इंटेलीजेंट इन्वेस्टर्स जल्दी बाजी में कोई निर्णय नहीं लेते हैं.

इंटेलीजेंट इन्वेस्टर्स कंपनी की Long Term Value को समझते हैं.अगर आप को इसके बारे में जरा भी idea नहीं है तो स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना बहुत रिस्की हो सकता है. अगर आप Intelligent investing करें तो रिस्क लेना फायदेमंद हो सकता है.

हमने एसे बहुत सरे लोगो को देखा हे जो की stock market में अपना बहुत पैसा लगते हे.लेकिन इसके साथ हमने एसे भी लोगो को देखा हे जो इसके साथ अपना सारा पैसा खो देते हे.अब एन दोनों तरीको के लोगो में क्या फरक होता हे ? और वो हे सिर्फ intelligent investing.

intelligent investor किसी भी कंपनी के History की observe कर उस पे स्टडी करते हैं जिससे उन्हें फायदा हो सके. वो बहुत दूर की सोचते हैं. जबकि ज्यादातर लोग थोड़े से पैसों के लिए अपना आपने पेसे दाव पर लगा देते हे.वे बाजार के बारे में अंदाज़े लगाते हैं.

लेकिन बाजार के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है.
जैसे कि अगर इन investor ने ये अफवाह सुनी की Apple नया product launch करने वाला हे.
तो बिना किसी analysis के apple का स्टॉक खरीद लेता है . अगर उसकी किस्मत अच्छी हुई और apple ने नया प्रोडक्ट लांच किया तो उसको फायदा होगा वरना वो अपना पैसा खो देगा .

इसलिए आपको अंदाजा लगाना छोड़कर दिमाग लगाना चाहिये . आप किसी भी स्टॉक को तभी खरीदिए जब उसकी प्राइस उसकी वैल्यू से कम हो . जब उस कंपनी के स्टॉक की प्राइस उसकी वैल्यू के हिसाब से बढ़ेगी तो आपको अच्छा फायदा मिलेगा . Investors की ज़िन्दगी मज़ेदार तो नहीं होती , लेकिन इसमें फायदा बहुत होता है .

Intelligent investing के तीन सिद्धांत हैं.


यदि आप एक Intelligent investing बनना चाहते हैं तो आपको तीन नियमों को समझना होगा .
पहला - आप उसी कंपनी में Invest करेंगे जिसके रिकॉर्ड्स अच्छे हों और stock की कीमत कम हो. ऐसी कंपनियों के आने वाले समय में आगे बढ़ेंगी और उनके फायदे से आपका फायदा होगा.

किसी भी कंपनी में invest करने से पहले उस कंपनी की अच्छी analysis कीजिये.
जाँच करते हैं जब आप बहुत सी बातों का ध्यान रखना होंगा. आप कंपनी के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर और मैनेजमेंट को देखिये.

आप देखिये कि क्या कंपनी अपने investor के साथ प्रॉफ़िट्स को अच्छे से बाँटती है या नहीं.इसके अलावा आप कंपनी की फाइनेंशियल हिस्ट्री और उसके स्टॉक क्वालिटी को देखिए.आप जल्दी बाजी में कोई फैसला मत लीजिये.

दूसरा - आप एक ही कंपनी में अपना सारा पैसा लगाने की गलती कभी नहीं कीजिये. भले ही उस कंपनी में आपको बहुत फायदा दिख रहा हो लेकिन अपने पैसों को अलग-अलग जगह लगाइये.

ज़रूरी नहीं कि आपकी analysis सही ही हों. यदि वह कंपनी किसी भी कारण से डूबती है तो उसके साथ ही आपका सारा पैसा भी डूब जाएगा. इसलिए आप अपना पैसा अलग अलग stock में लगाइये.

तीसरा - आप पैसों के पीछे मत भागिए.पैसों के पीछे भागना आपको लालची बना देगा जिससे आपकी सोचने की क्षमता खत्म हो सकती है.आप एक ही साथ बहुत सारा पैसा बनाने के बारे में मत सोचिए.आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से इन्वेस्टमेंट करें न की किसी स्टॉकब्रोकर से मुकाबला करने के लिए.

Stock market में Invest करने का सबसे बड़ा Formula जिसका उपयोग करते हे-Waren Buffet
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आप भीड़ के साथ मत भागिए


इस वस्तुओं में हम स्टॉक मार्केट को समझने की कोशिश करेंगे.इसके लिए लेखक ने stock market को मिस्टर मार्केट कह कर बुलाया है.

मिस्टर मार्केट के बारे में कुछ भी कह पाना बहुत मुश्किल है.सब कुछ उनके मूड पर निर्भर करता है. वो कभी सबको ऊपर ले जाते हैं.और कभी सबको उचाई पर पंहुचा देते हैं. जब भी कुछ एक्साइटिंग होने वाला होता है तो मिस्टर मार्केट अपना आपा खो देते है और ऐसे में सभी लोग ज्यादा पैसे देने लगते हैं .

कभी लोगों को मिस्टर मार्केट से बहुत आशाएं रहती हैं. ऐसे में स्टॉक की कीमत ऊपर चली जाती हैं.और कभी कभी मिस्टर मार्केट के लोगों को बहुत निराश का देते हैं जिसमें लोगों को नुकसान'सान भी हो जाता है.

एक intelligent invester मार्केट और भीड़ पर ध्यान नहीं देता है. वह जानता है कि मिस्टर मार्केट का मूड कभी भी बदल जाता है. हो सकता है इसलिए ज़रूरी नहीं कि किस स्टॉक में आज प्रॉफिट है कल भी प्रॉफिट रहे.

एक intelligent invester को पता होता है की जिन स्टाक्स में. आज फायदा हो रहा है कि कल उसका फायदा नहीं होगा क्योंकि उसकी योग्यता उसके वैल्यू से बढ़ गयी है. आने वाले समय में उसकी योग्यता कम हो जाएगी और उसमें नुकसान होगा.

अगर आपको यह पता है कि स्टॉक की कीमत बढ़ेगी या घटेगी तो आपको पैटर्स को समझना होगा. हम सभी पैटर्स को समझने में सुधार होते हैं. इसलिए आपको उन पैटर्स पर ध्यान देना होगा जो आगे भी बढ़ते जा सकते हैं. अब आपको इंटेलीजेंट इंवेस्टिंग के सिद्धांतों के बारे में जान लेना चाहिए

एक डिफेंसिव इन्वेस्टर का पोर्टफोलियो स्वभाव होना चाहिए .


इन्वेस्टर्स दो तरह के होते हैं - difensive investor और interprising investor इस चीज़ में हम difensive इन्वेस्टर की बात करेंगे. डिफेंसिव इन्वेस्टर्स वे होते हैं जो सुरक्षा की खोज करते रहते हैं ये इन्वेस्टर्स सभी कुछ खोना नहीं चाहते हैं अगर आप डिफेंसिव इन्वेस्टर हैं तो आपको अपना पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाइड करना चाहिए.

यानि आप को सिर्फ एक में नहीं बल्कि कई कंपनीज़ में इन्वेस्ट करना चाहिए. सबसे पहले हमें स्टॉक्स और बॉन्ड्स के बारे में जान लेना चाहिए. स्टॉक्स में ज्यादा फ़ायदे के साथ साथ ज़्यादा रिस्क भी होता है जबकि बांइस ज़्यादा रिस्की नहीं होते लेकिन उनमें फायदा कम होता है. अगर आप एक डिफेंसिव इन्वेस्टर है तो आपको 75% टन में और 25% स्टॉक्स में इन्वेस्ट करना चाहिए या फिर 50 - 50 इन्वेस्ट करना चाहिए.इससे आप ज़्यादा रिस्क से बचे रहेंगे.

इसके अलावा आपका स्टॉक पोर्टफोलियो भी डाइवर्सिफाइड होना चाहिए. आप उन कंपनियों में अपना पोर्टफोलियो बनाइये जो काफी समय से successful होने वाले हैं. इसका मतलब ये नहीं है कि आप भीड़ के साथ भागिए. आप बस कंपनी के हिस्ट्री पर नज़र डालें और कम से कम 10 कंपनियों की इन्वेस्ट करें. और अंत में आप एक एक्सपर्ट की सलाह ज़रूर लें.उन्हें इस बारे में आप से ज्यादा पता है. और वे आपकी काफी हद तक मदद कर सकते हैं.

अगर आप फॉर्म्युले का इस्तेमाल करते हैं तो इंवेस्टिंग आसन है.


एक बार आपने इन्वेस्ट करने के लिए कंपनी खोज ली तो आप एक फॉर्म्युले का इस्तेमाल करते हैं.आप तय करते हैं कि आपको उस कंपनी में समय समय पर कितना इन्वेस्ट करना है और बस उसी तरह इन्वेस्ट करते हैं. इस फॉर्म्युले को € कॉस्ट एवरेजिंग (रुपये की औसत लागत) भी कहते हैं .

आपको ये तय करना होगा कि आप एक बार में कितना पैसा इन्वेस्ट करेंगे.जैसे कि अगर आपने हर महीने 3000 रु. इन्वेस्ट करने के बारे में सोचा है तो हर महीने सिर्फ और सिर्फ 3000 रुपये ही इन्वेस्ट करते हैं. आप एक से ज्यादा कंपनी में इन्वेस्ट करते हैं. ऐसा करने के कुछ फायदे और कुछ नुक्सान भी हैं.

फायदा ये है कि आप रिस्क के खतरे से बचे रहेंगे. आपको ज़्यादा मेहनत नहीं करनी चाहिए. नुक्सान ये है कि अगर आपको एक अच्छी डील मिलती है जिसमें आप ज्यादा पैसा इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आप नहीं कर सकते क्योंकि आपने खुद को कम पैसे लगाने के लिए बांध लिया है.

उस सीमा से ज्यादा पैसा नहीं लगाया जा सकता है.
एक अच्छे डिफेंसिव इन्वेस्टर को समय समय पर अपना पोर्टफोलियो चेक करना चाहिए. आपको हर 6 महिने में अपने स्टॉक और मीटर को एडजस्ट करना चाहिए और इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आप स्टॉक और market में समान ही इन्वेस्ट करें जितने से आपने शुरुवात की थी

और आपको साल में एक बार प्रोफेशनल की हेल्प करनी चाहिए जो आपको आपके फंड को एडजस्ट करने के बारे में सलाह दे सके.


एक एन्टरप्राइसिंग इन्वेस्टर मार्केट के अप्स एंड एक्सचेंजों पर ध्यान नहीं देता.


ज़्यादातर लोग बाज़ार में आठ करते हैं.वे कैलकुलेटर गिरते ही सब कुछ बेच देते हैं और स्टॉक की कीमत बढ़ते ही सबकी तरह इसमें पैसे लगाने लगते हैं.उन्हें भीड़ के साथ चलना पसंद है.लेकिन एक एन्टरप्राइसिंग येवस्टर ऐसा नहीं है.करता है

आपको यू एस हाउसिंग बबल की घटना याद होगी.जब हाउसिंग की कीमत बढ़ने लगी तो सभी लोग बिना सोचे समझे उसमें निवेश करने लगे.उन्हें अंदाजा नहीं था.उसकी कीमत उसके वेल्यू से बहुत बढ़ गई है और अब उसमें इन्वेस्ट करना ठीक नहीं है.

जब मूल्य में बहुत अधिक वृद्धि हुई है तब पूरा बाजार मूल्य हो गया है.इसलिए मिस्टर.बाजार भरोसे के लायक बिलकुल नहीं हैं.यदि मूल्य वृद्धि हो रही है तो उसमे इन्वेस्ट ना करें.एन्टरप्राइसिंग इन्वेस्टर्स लो.बाजार में खरीद कर रहे हैं और उच्च बाजार में खरीदारी कर रहे हैं

आपको यू एस हाउसिंग बबल की घटना याद होगी.जब हाउसिंग की कीमत बढ़ने लगी तो सभी लोग बिना सोचे समझे उसमें निवेश करने लगे.उन्हें अंदाजा नहीं था.उसकी कीमत उसके वेल्यू से बहुत बढ़ गई है और अब उसमें इन्वेस्ट करना ठीक नहीं है.जब मूल्य में बहुत अधिक वृद्धि हुई है तब पूरा बाजार मूल्य हो गया है.

इसलिए मिस्टर.बाजार भरोसे के लायक बिलकुल नहीं हैं.यदि मूल्य वृद्धि हो रही है तो उसमे इन्वेस्ट ना करें.एन्टरप्राइसिंग इन्वेस्टर्स लो.बाजार में खरीद कर रहे हैं और उच्च बाजार में खरीदारी कर रहे हैं .

आप अपने पोर्टफोलियो को समय समय पर चेक करते रहें और कंपनी के स्टॉक योग्यता पर भी ध्यान रखें.यदि आप लगे कि कंपनी का प्रबंधन ठीक नहीं चल रहा है या
उसकी फाइनांशियललाइन condition ठीक नहीं है .

या उसकी योग्यता उसके वेलू से बढ़ गयी है तो अपने स्टॉक्स को बिना समय गंवाए बेच दीदए
आप लो मार्केट में स्टॉक्स ख़रीदीए.जैसे कि Yahoo ने 2002 में Incityami को को सिर्फ 1 में रखा था.65 डालर प्रति शेयर की गई.था.इंकतामी को की कीमत पहले 231 डॉलर प्रति शेयर थी.

एक बार उसकी कीमत आसमान छूने लगी तो.मार्केट कैश हो गया है और उसकी कीमत कम हो गई है.

Conclusion निष्कर्ष


अगर आपको स्टॉक्स खरीदने या बेचने हैं तो आपको इंटेलीजेंट इन्वेस्टर का रास्ता चुनना होगा.आपको बस इन लोगों में दिए गए रूल्स को फॉलो करना है और आप भी स्टॉक मार्केट से पैसे कमा सकते हैं.


तो आपको क्या करना चाहिए



इमोशनल स्ट्रेस से बचने के लिए हमेशा एक स्ट्रिक्ट फोर्मुले पर बने रहें .
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आपको अपने इनकम का 10% इन्वेस्ट करना चाहिए.अगर शेयर्स सस्ते हैं तो लालच में आ कर ज्यादा न खरीदिए और अगर महंगे हैं तो कंजूसी में कम न खरीदिए.बस अपने इनकम के 10% पर बने रहे.ये बोहोत अच्छा तरीका है नक्सान से बचने का.

तो दोस्तों आपको ये आज की पोस्ट केसे लगी हमको ये जरुर comment में बताईये और हा आपको में ये बता दू की एस पोस्ट में मेने जो भी लिखा हे वो मेने पढ़ी हुई किताब The Intelligent Investor जोकि महँ लेखक BENJAMIN GRAHAM ने लिखी थी उनके विचार हे जोकि मेने आपको कुछ हद तक संजाने की कोशिश इस पोस्ट में की हे
.
अगर आपका कोई सवाल हो एस पोस्ट से releated तो जरुर पूछिए.और अगर आप एस किताब को खरीदना चाहते हे.जोकि हिंदी और इंग्लिश दोनों में उपलब्ध हे उसके Link आपको इस पोस्ट में कही न कही दिख ही जायेंगे.


धन्यवाद आपका इस पोस्ट को पढने के लिए .

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